Monday, March 19, 2012

वाह रे हिंदू समाज..

स्वामी सानंद जबरन बीएचयू ले जाए गए

'वाह-रे हिंदू समाज' ..वेदना से कराहते ये कारुणिक शब्द स्वामी सानंद के मुख से उस समय निकल पड़े, जब उन्हें प्रशासन द्वारा अस्पताल से उठाकर बीएचयू ले जाया जाने की जानकारी मिली। इसी दौरान कक्ष से बाहर खड़े गिने-चुने गंगा समर्थकों का पुलिस के समक्ष स्वामी जी को अस्पताल से ले जाने के विरोध का स्वर भी उनके कानों तक जा पहुंचा। वह बिस्तर से उठ कर बाहर आ गए। चंद लोगों को सामने देखा, सबको हाथ जोड़े, बोले 'वाह-रे हिंदू समाज, एक सन्यासी की यह गति। गंगा की चिंता किसी को नहीं, पुलिस के सामने बल दिखाने के बजाए जयंती नटराजन पर दबाव क्यों नहीं बना पा रहे।' इतना बोला ही था कि उनकी आंखें नम हो गई। बात तो बहुत कमजोर आवाज में कही गई थी, लेकिन उसकी धमक बहुत देर तक कानों में गूंजती रही। 

Sunday, March 18, 2012

नजरअंदाज किए जाने से खफा हैं मुसलिम नेता

उमर अब्दुल्ला ने दी सफाई

श्रीनगर। जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इंडिया टुडे कानक्लेव में भाग नहीं लेने के अपने फैसले का शनिवार रात यह कहकर बचाव किया कि दिल्ली में इस संगोष्ठी में भाग लेने के बजाय यह सुनिश्चित करना ज्यादा महत्वपूर्ण था कि राजौरी में कोई सांप्रदायिक संघर्ष न हो।
http://www.jagran.com/news/national-omar-tweets-on-skipping-conclave-where-rushdie-spoke-9025739.html