Monday, April 26, 2010

आगरा में दो समुदायों के बीच संघर्ष

Dainik Jagran 26 April 2010, आगरा। उगाही को लेकर तीन दिन पहले हुआ झगड़ा रविवार को बड़े संषर्ष में बदल गया। आगरा फोर्ट के सामने बिजलीघर चौराहे पर दोनों पक्ष टकराये। बाद में फोर्ट चौकी में मारपीट के बाद संघर्ष भड़क गया। घंटे भर तक पथराव हुआ। लूटपाट के बाद दुकानें फूंक दी गयीं। फुटपाथ बाजार की लपटों से शिवाजी मार्केट सुलग उठा और कई करोड़ की सम्पत्तिस्वाहा हो गयी। आग काबू करने के लिए सेना की फायर बिग्रेड की मदद ली गयी है। स्थिति को काबू करने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी। इसके बाद शहर में सेक्टर स्कीम लागू कर दी गयी है।

तीन दिन पहले बिजलीघर चौराहे पर अशोक जाटव और सुलेमान पक्ष के बीच झगड़ा हुआ था। जिसमें अशोक और उसका साथी घायल हुए थे। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर सुलेमान पक्ष के नौशाद को जेल भेज दिया। इससे सुलेमान गुट असंतुष्ट था।

रविवार दोपहर 11.30 बजे अशोक फिर मार्केट पहुंचा। वहां उसकी सुलेमान से कहासुनी हो गई। इस पर सुलेमान समर्थकों ने पुलिस चौकी पहुंचकर वहां बैठे अशोक को पीटा। पुलिस ने हमलावरों को खदेड़ दिया। इस सूचना से बाजार बंद हो गया।

इसी बीच नाला काजीपाड़ा रेलवे ब्रिज के नीचे दोनों समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए। दोनों में पथराव शुरू हो गया। इसके बाद अन्य बाजार भी बाजार बंद हो गये और भीड़ सड़कों पर उतर आयी। सड़क किनारे फुटपाथ पर खोखों में आग लगा दी गई। आग की लपटों में यहां की शिवाजी मार्केट स्वाहा हो गयी। लपटों पर काबू पाने की कोशिशें चल रही थी। तभी छीपीटोला रोड पर दुकानों में लूटपाट शुरू हो गयी। कई दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया। आईजी विजय कुमार फोर्स के साथ पहुंचे तो उनकी गाड़ी को निशाना बनाकर छतों से पथराव शुरू हो गया। हालात काबू करने के लिए पुलिस ने कई राउंड रबर बुलेट चलायीं। पुलिस ने पथराव करने वाले आधा दर्जन युवकों को पकड़ लिया। इसकी खबर पर उपद्रवी रावली तिराहे पर पहुंच गये और वहां दुकानों में लूटपाट की। देखते ही देखते बाजार बंद हो गया। दो समुदायों के बीच के बवाल से मंटोला में तनाव है। आईजी विजय कुमार ने बताया कि हालात देखते हुए रेंज से फोर्स बुलाया गया है। उपद्रवियों की गिरफ्तारी की जाएगी। फिलहाल हालात सामान्य है। जिलाधिकारी एमके नारायण ने बताया कि सेक्टर स्कीम लागू कर दी गई है। जिन बस्तियों में तनाव है, वहां फोर्स तैनात है। हालात काबू में हैं

2 comments:

  1. A Church is not a
    Tample for saints,
    But rather a hospital
    For sinners.
    धर्म स्थलों में तोड़फोड़ संतों का अपमान करना भारत की संस्कृति नही

    उड़ीसा,मध्य प्रदेश,कर्नाटक एंव देश के विभिन्न हिस्सों में ईसाईयों पर हो रहे अत्याचार हमले और चर्चों को जलाये जाने की घटना दुखद है।

    देश मे चन्द लोग धर्म के ठेकेदार राजनैतिक लाभ के लिये लोगों की धार्मिक भावनाओं को भड़काकर हमारे देश की भोली-भाली जनता,नौजवान,युवा वर्ग को मानवता,भाईचारा, आपसी सद्भाव, देश प्रेम की शिक्षा, अच्छे आदर्श की मजबूत नीव डालने के बजाये। हमारे देश की नीव, हमारे देश के मजबूत खम्बे,हमारे देश का गौरव, भारत देश का भविष्य हमारे नौजवान,युवा वर्ग के हाथों से जघन्य अपराध करवा कर पाप के भागी बना कर भारत देश की नीव को कमजोर खोखला कर रहे हैं।और देश में फूट डालने का काम कर रहे है। कहावत है:-जिस घर देश मे फूट पड़ जाती है वो घर बर्बाद हो जाता है। हम सब जानते है बुजुर्गों ने भी कहा है जैसा हम बीज बोते है वैसा हम काटते हैं तात्पर्य जैसी करनी वैसी भरनी। हर बुरे और अच्छे कार्य का प्रतिफल इसी मनुष्य योनी मे मिलता है। और पीढियों तक भुगतना पड़ता है।हमारी आने वाली पीढी ये न कहे कि हमारे बाप दादों ने अंगूर खाये थे दांत हमारे खट्टे हुऐ। हम सब देखते और जानते हैं इतिहास भी गवाह है।


    ईसाई समाज यीशु मसीह की आज्ञा जैसे कि:- अपने माता-पिता की आज्ञा का पालन करना आदर करना, हत्या न करना, चोरी न करना, किसी के विरुद्ध झूठी गवाही न देना किसी भी प्रकार का लोभलालच न करना,झूठ न बोलना,व्यभिचार न करना,मनुष्य से अपने समान प्रेम रखना,झगड़ा न करना ईर्ष्या न करना आदि हैं।
    भूखे को रोटी भोजन देना, नन्गे को कपड़ा पहनाना, गरीबों लाचारों की मदद करना, बीमारों की सेवा और उनके लिये प्रार्थना करना,बन्दीग्रह मे कैदियों की सुधी लेना, अनाथों और विधवाओं पर अन्याय नही करना इनकी मदद करना, मनुष्य का हृदय ईश्वर का मंदिर है ईश्वर मनुष्य के हृदय मे वास करता है यही मानव सेवा है जिसे हम मानवता या मानव धर्म कहते हैं।

    ईश्वर की सेवा है। जो कंगालों पर अनुग्रह करता है वो ईश्वर परमात्मा को उधार कर्ज देता है। ईश्वर के इन्ही आदर्शों का पालन करते हुऐ भारत देश के मूल निवासी मसीही समाज अपने जीवन का निर्वाहन कर रहा है।

    मै आपसे यह पूछना चाहता हंू कि क्या ये गलत काम है अगर ये गलत काम है तो फिर अच्छे काम क्या हैं। जो चन्द लोग अपने राजनैतिक लाभ के लिये करवा रहे हैं:- गुरुओं को अपमानित करना उनकी हत्या करना,भोले भाले लोगों की हत्या, लोगों के घरो मे आग लगाना और बेघर करना, धार्मिक स्थानो को आग लगा कर उजाड़ना, साघू संतों पर अण्डे फेकना, समाज को अच्छी शिक्षा देने वाले पूज्यनीय धर्म गुरुओं, ईश्वर के दूतों को जूते चप्पल से मारना लात घूसों से मारते हुऐ अपमानित करना,क्या ये ही इन लोगों का धर्म एंव धर्म की परिभषा है क्या ये ही हमारे भारत देश की संस्कृति और सभ्यता है

    समाज के सभी वर्गों के लोंगों और देश का भविष्य नौजवान युवा वर्ग से यह आग्रह है कि ये चन्द लोग मानवता, भाईचारा, आपसी सद्भाव को छोड़ कर अपने घृणित मंसूबे पूरे करवाते आ रहे हैं। और देश के लोंगों को युवा वर्ग को पाप के गर्त में ढकेलने वाले धर्म की गलत शिक्षा देने वाले ऐसे लोगों से हमें एंव भारत देश के प्रत्येक व्यक्ति को सावधान रहने की जरुरत है। भारत देश में मानवता,आपसी सद्भाव भाई-चारा एंव एकता बनाये रखने मे अपना अमिट सहयोग प्रदान करना प्रत्येक भारतीय व्यक्ति का कर्तव्य है।

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  2. Hi,
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